यूडीआईएसई (UDISE) पोर्टल, जिसका पूरा नाम Unified District Information System for Education है, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत डेटा संग्रहण प्रणाली है। इसे देशभर के स्कूलों की सटीक और संपूर्ण जानकारी जुटाने के लिए बनाया गया है।
यूडीआईएसई पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
1. यूडीआईएसई पोर्टल का उद्देश्य
- सटीक डेटा संग्रह: इसका मुख्य उद्देश्य भारत के सभी स्कूलों से संबंधित शैक्षिक डेटा, बुनियादी ढांचे और शिक्षकों की जानकारी को एक ही जगह एकत्र करना है।
- नीति निर्धारण: एकत्रित डेटा का उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में नई नीतियों को बनाने और सुधार लाने के लिए किया जाता है।
- पारदर्शिता और निगरानी: यह पोर्टल डेटा संग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाता है और विभिन्न स्तरों (ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय) पर निगरानी की सुविधा देता है।
2. यूडीआईएसई प्लस (UDISE+) के प्रमुख मॉड्यूल्स
UDISE+ पोर्टल पर डेटा को अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज किया जाता है:
- स्कूल प्रोफाइल और सुविधाएं (School Profile & Facilities): इसमें स्कूल की बिल्डिंग, शौचालय, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी होती है।
- शिक्षक मॉड्यूल (Teacher Module): इसमें सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति का विवरण दर्ज किया जाता है।
- छात्र मॉड्यूल (Student Module): इसे SDMS भी कहा जाता है। इसमें प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक जानकारी और प्रोफाइल को स्थायी शिक्षा संख्या (PEN) के माध्यम से ट्रैक किया जाता है।
3. यूडीआईएसई कोड (UDISE Code) क्या है?
- प्रत्येक स्कूल की पहचान के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 11 अंकों का एक यूनिक कोड दिया जाता है।
- इस कोड के पहले 2 अंक राज्य को और अगले 2 अंक जिले को दर्शाते हैं।
- यह कोड छात्रवृत्ति, स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक होता है।
4. पोर्टल की मुख्य विशेषताएं
- रियल-टाइम अपडेट: स्कूल अपनी जानकारी को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीधे अपडेट कर सकते हैं।
- एकीकृत लॉगिन: “सभी मॉड्यूल” विकल्प के माध्यम से उपयोगकर्ता अपनी भूमिका के अनुसार विभिन्न मॉड्यूल तक पहुँच सकते हैं।
- डेटा सत्यापन: दर्ज किए गए डेटा को ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाता है, जिससे डेटा की सटीकता सुनिश्चित होती है।
यह प्रणाली न केवल संसाधनों के बेहतर वितरण में मदद करती है, बल्कि माता-पिता, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को स्कूल के डेटा के आधार पर सही निर्णय लेने में भी सहायक है。



